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मोतिहारी : डीएम ने दवा खिलाकर किया फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम एमडीए का शुभारंभ 

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मोतिहारी। जिला समाहरणालय परिसर में शुक्रवार को राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम के अंतर्गत एमडीए अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने किया। इस मौके पर जिला सूचना जन जन सम्पर्कपदाधिकारी, आरबीएस के डीसी डॉ मनीष कुमार, एफएलए चंद्रभानु सिंह व अन्य लोगों ने सर्वजन दवा का सेवन किया।

जिलाधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जिसे हाथीपांव के नाम से भी जाना जाता है। यह क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है। इस बीमारी से संक्रमित होने के बाद 10 से 15 वर्ष के बाद मनुष्यों में यह हाथीपांव, हाइड्रोसील, महिलाओं के स्तनों में सूजन इत्यादि के रूप में दिखाई देता है। यह शरीर को अपंग एवं कुरूप करने वाली बीमारी है। इससे सुरक्षित रहने का एकमात्र विकल्प एमडीए राउण्ड के दौरान सर्वजन दवा सेवन करना है। 

उन्होंने बताया कि जन जागरूकता के द्वारा ही सर्वजन दवा सेवन से फाइलेरिया का उन्मूलन सम्भव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी निर्धारित आयु वर्ग के लोग दवा का सेवन करें।

10 फरवरी से अगले 14 दिनों तक चलेगा अभियान

अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रंजीत राय ने बताया कि 10 फरवरी से अगले 14 दिनों तक जिले के 23 प्रखंडों में 2163 दलों के द्वारा  49 लाख 38 हज़ार 4 सौ 34 लोगों को डीईसी एवं अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जाएगी। इसमें इस बात का विशेष ध्यान रखना है कि आशा कार्यकर्ताओं व स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही दवा खानी है।

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इस प्रकार खिलाई जाएगी दवा

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शर्मा ने बताया कि फाइलेरिया से बचाव को 2 से 5 वर्ष के बच्चों को डीईसी की 1 गोली और अल्बेंडाजोल की 1 गोली, 6 से 14 वर्ष के बच्चों को डीईसी की 2 गोली व  अल्बेंडाजोल की 1 गोली तथा 15 वर्ष से ऊपर के लोगों को डीईसी की 3 गोली व अल्बेंडाजोल की 1 गोली खिलाई जाएगी।

दवा का हल्का साइड इफेक्ट हो सकता है, घबराएं नहीं

डॉ शर्मा ने बताया कि खाली पेट दवा नहीं खानी है। उन्होंने दवा खाने से होने वाले प्रतिकूल प्रभाव के बारे में बताया कि दवा खाने से शरीर के अंदर मरते हुए कीड़ों की वजह से कभी-कभी किसी व्यक्ति को सिर दर्द, बुखार, उल्टी, बदन पर चकते एवं खुजली हो सकती  है । इससे घबराने की जरूरत नहीं है। यह स्वत: दो-एक घंटे में ठीक हो जाएगा। फिर भी ज्यादा दिक्कत होने पर ऐसे लोगों को चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा।

इस मौके पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रंजीत राय, डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन, डैम अभिजीत भूषण, केयर डिटीएल स्मिता सिंह, डीपीओ मुकेश कुमार, डॉ सुनील कुमार, डॉ मनीष कुमार, यूनिसेफ प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार, भिडिसीओ सत्यनारायण उराँव, रविन्द्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार, पीसीआई डीसी मनोज कुमार, चंद्रभानु सिंह, रैपिड रिस्पॉन्स टीम के सदस्य, सिफार डीसी सिद्धान्त कुमार व अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

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