प्रांतों के किसानों की हकमारी कर रहे एक जालसाज को नालंदा साइबर थाने की पुलिस ने दबोचा

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कृषि संबंधित सरकारी योजनाओं का सब्जबाग दिखाकर फर्जी अकाउंट पर मंगवाता था रूपये

वर्ष 2021 से 2024 तक के निबंधित किसानों से कर रहा था संपर्क 

पास से 6.51 लाख नकद,15 एंड्राइड मोबाइल फोन कई बैंक के डेबिट कार्ड, एक कंट्री मेड पिस्टल व दस कारतूस बरामद

बिहारशरीफ (अविनाश पांडेय)। किसानों की मेहनत की कमाई बड़े ही आसानी से डकारने वाला एक जलसा आज नालंदा साइबर पुलिस के हत्थे चढ़ा है। जालसाज की कारस्तानी से नालंदा के अलावे दूसरे जिलों के किसान भी अपनी मेहनत की कमाई गवां बैठे हैं। खबर है कि गलत तरीके से कमाये पैसे से इसने कई बड़ी संपत्तियां भी अर्जित की है।

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किसानों को कृषि संबंधित योजनाओं का दिखता था सब्जबाग 

दरअसल यह ठग किसानों को कृषि संबंधित सरकारी योजनाओं का शब्द भाग दिखाता था फोन पर संपर्क कर प्रधानमंत्री सूखा राहत योजना सहित कई योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर इनसे मोटी उगाही कर लेता था।ठग के पास से अभी तक साइबर पुलिस के हाथ नालंदा के अलावे गया,पटना के अलावे पटना के पुनपुन सहित चार प्रखंडों के किसानों से संबंधित उनके मोबाइल नंबर व निबंधित से संबंधित जानकारी का ब्योरा जालसाज के पास से मिला है।

इस पूरे मामले की जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया कि इस जालसाज के द्वारा अभी  करोड़ों रुपए की ठगी की जा चुकी है। जिसकी जांच काफी ही सूक्ष्म तरीके से किया जा रहा है। इसकी गिरफ्तारी नवादा जिले के टाउन थाना क्षेत्र के गुनवा गांव से साइबर थाने की पुलिस ने की इसकी पहचान नालंदा जिले के कतरी सराय थाना क्षेत्र के कतरीडीह निवासी शशिकांत कुमार के रूप में की गई है।

साइबर थाना अध्यक्ष ज्योति शंकर ने बताया कि 26 अक्टूबर 2023 को साइबर थाने में कृषि योजनाओं के लाभ दिलाने के नाम पर ठगी का मामला किसानों द्वारा दर्ज कराये गये। जांच के क्रम में पता चला कि कई ऐसे लोग हैं, जिनसे इस तरह की ठगी की गई है। जालसाज के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत की गई थी।

टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन में मिले कई साक्ष्य

साइबर थाने की पुलिस को टेक्निकल इन्वेस्टिगेशन में इस जलसच के खिलाफ कई ठोस साक्ष्य मिले हैं।  मसलन यह फ्रॉड कई सिम कार्ड का प्रयोग करता था। हालांकि यह मोबाइल सेट नहीं बदलता था। एक ही मोबाइल फोन से विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड का प्रयोग कर किसानों से ठगी किया करता था।

इस जलशा के खिलाफ तकनीकी अनुसंधान कर रही साइबर थाने की पुलिस उसे वक्त इसके करीब पहुंच गई, जब इसने अपने फर्जी अकाउंट से एक मजदूर के अकाउंट में कुछ रुपए ट्रांसफर किये। यही से यह साइबर पुलिस के सर्विलांस पर आ गया। इसके पास से पास से 6.51 लाख नकद,15 एंड्राइड मोबाइल फोन, कई बैंक के डेबिट कार्ड, एक कंट्री मेड पिस्टल व दस कारतूस बरामद किया गया है। 

सरकार के सोच के अनुरूप नालंदा साइबर थाने की पुलिस साइबर अपराध की रोकथाम एवं इनसे जुड़े साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर तत्पर है। साइबर क्राइम से संबंधित किसी तरह की शिकायत मिलने पर हमारी टीम उसपर गहन अध्ययन के साथ-साथ विशेष जांच पड़ताल करती है। साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य इकट्ठा करना भी साइबर थाने पुलिस की पहली प्राथमिकता रही है।  ठोस साक्ष्य के आधार पर ही आरोपितों को सजा दिलवाने में मदद मिलती है। 

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