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मोतिहारी – बढ़ते ठंड में अपने नवजातों की सेहत को लेकर रहें सतर्क : सीएस

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मोतिहारी। लगातार बढ़ रही ठंड में नवजात एवं छोटे बच्चों की सेहत के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। ताकि ठंड से संबंधित किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं हो और नवजात स्वस्थ रहे। इसके लिए बच्चों की देखभाल एवं उचित पोषण को लेकर विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।बढ़ते ठंड में उचित देखभाल एवं पोषण से ही बच्चे स्वस्थ रहेंगे। नवजात के स्वस्थ एवं मजबूत शारीरिक निर्माण के लिए हर माता-पिता को अभी विशेष सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है।

बच्चे को पहनाएं गर्म कपड़े और लगाएँ धूप: 

सिविल सर्जन डॉ अंजनी कुमार ने बताया कि  ठंड से बचाव को लेकर बच्चों का विशेष ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए बच्चे को उपयुक्त गर्म कपड़े पहनाएं और प्रतिदिन सुबह में धूप लगाएँ। इससे बच्चे के शरीर का तापमान काफी हद तक सामान्य रहेगा और बच्चे स्वस्थ रहेंगे।

कंगारु मदर केयर है फायदेमंद:

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डीआईओ डॉ शरत चन्द्र  शर्मा ने बताया कि शिशु को मां के शरीर से गर्माहट मिलती है। डॉक्टर बताते हैं कि कई शिशु को जन्म के बाद निमोनिया होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। सर्दियों के समय में यह बीमारी होने की संभावना काफी अधिक रहती है। इसलिए  इस समय शिशु को धूप में बैठायें तथा कंगारू मदर केयर के टिप्स आजमायें । ऐसा करने से शिशु को मां के शरीर से होने वाले स्किन टु स्किन कॉन्टैक्ट की वजह से गर्माहट मिलती है। इससे ठंड लगने, निमोनिया सहित कई बीमारियों से बचाव होता है।

समय पर कराएँ  नियमित टीकाकरण:

डीआईओ डॉ शर्मा ने बताया कि बच्चों को कई प्रकार की बीमारियों से नियमित टीकाकरण सुरक्षित रखता है, इसलिए बच्चों को बढ़ते उम्र के साथ सही समय पर नियमित टीकाकरण कराया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में नियमित टीकाकरण के तहत बच्चों को बीसीजी, डिप्थेरिया, टिटनेस, पोलियो, वायरल हेपेटाइटिस, मिजिल्स, निमोनिया आदि रोगों से रक्षा के लिए टीकाकरण होता है।

छह माह तक सिर्फ माँ के दूध का कराएँ सेवन: 

डॉ अमृतांशु कुमार ने बताया कि नवजात को जन्म के बाद छह माह तक सिर्फ माँ के दूध का सेवन कराएँ। इससे नवजात के शरीर में प्रोटीन की मात्रा में काफी वृद्धि होती है। बच्चे की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। छह  माह के बाद धीरे-धीरे आहार का सेवन कराएँ और लगातार मात्रा बढ़ाएं। साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। इसके लिए बिछावन, कपड़े आदि की लगातार सफाई करें। इसके अलावा घर समेत आसपास के परिसर को भी पूरी तरह साफ रखें। इससे नवजात संक्रामक बीमारी से दूर रहेंगे। इसके अलावा नवजात को गीला कपड़ा और बिछावन के उपयोग से भी बचाएँ।

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