बक्सर : राज्य संपोषित बालिका उच्च विद्यालय का जिला पदाधिकारी ने किया निरीक्षण

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बक्सर : जिला पदाधिकारी अमन समीर के द्वारा राज्य संपोषित बालिका उच्च विद्यालय का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में वर्ग कक्षा 9 एवं वर्ग कक्षा 10 में क्रमश नामांकित 327 विरूद्ध 148 छात्राएँ तथा 342 के विरूद्ध 113 छात्राएँ उपस्थित पाई गई। छात्राओं की उपस्थिति संतोषजनक एवं अध्यापन कार्य में और सुधार लाये जाने हेतु वहाँ उपस्थित शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक को निर्देश दिए गए। निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि विद्यालय में गणित, विज्ञान, अर्थशास्त्र विषय से संबंधित शिक्षकों की कमी का अभाव है। जिला शिक्षा पदाधिकारी बक्सर को निर्देश दिया गया कि संबंधित विषयों की शिक्षकों की उपलब्धता के संबंध में शीध्र कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। तत्पश्चता दो तल का नवनिर्मित राज्य संपोषित बालिका उच्च विद्यालय जो धर्मशाला रोड के बंगाली टोला में अवस्थित है का अवलोकन किया गया।

रख-रखाव नहीं होने के कारण मरम्मति की आवश्यकता

पृच्छा करने पर ज्ञात हुआ कि यह नवनिर्मित भवन माननीय सांसद एवं माननीय बिहार विधान परिषद सदस्य के संयुक्त निधि से बनाया गया है। इसके कार्यकारी एजेन्सी कार्यपालक अभियंता स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन है। इस भवन का शिलान्यास 01.03.2014 में किया गया था परंतु विद्यालय का संचालन नहीं होने तथा रख-रखाव नहीं होने के कारण मरम्मति की आवश्यकता प्रतीत होती है। कार्यपालक अभियंता स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन एवं कार्यपालक अभियंता भवन प्रमण्डल बक्सर को इस संबंध में निरीक्षण करते हुए प्रतिवेदन एक सप्ताह के अंदर देना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

टोकन के आधार पर ही मरीजों को ओपीडी में इलाज

तत्पश्चात जिला पदाधिकारी के द्वारा सदर अस्पताल का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में सदर अस्पताल बक्सर में ओपीडी में ज्यादा भीड़ को देखते हुए जिला पदाधिकारी महोदय ने निर्देश दिया कि ओपीडी के मरीज के लिए अलग से वेटिंग रूम बनाया जाए। जिसमें डिस्प्ले पर प्रदर्शित किया जाए। ओपीडी में आने वाले मरीज को एक टोकन दिया जाए और टोकन के आधार पर ही मरीजों को ओपीडी में इलाज करने हेतु बुलाया जाए ताकि ओपीडी में अनावश्यक भीड़ न लगे। महिला ओपीडी में प्रतिदिन दो चिकित्सक प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया गया। ऊपर के वार्ड के लिए अलग चिकित्सक एवं नीचे के वार्ड के लिए अलग चिकित्सक रखने का निर्देश दिया गया।

दवाइयों का नाम जेनेरिक में लिखी होनी चाहिए

जिला पदाधिकारी ने वहां उपस्थित सभी चिकित्सक एवं ओपीडी के फार्मासिस्ट इंचार्ज को निर्देश दिया कि अस्पताल में उपलब्ध सभी दवाएं मरीजों को मिलनी चाहिए और सभी दवाइयों का नाम जेनेरिक में लिखी होनी चाहिए। जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि हर महीने किस चिकित्सक ने कितनी दवाई अस्पताल में मिलने वाली लिखी और कितनी दवाई बाहर से मिलने वाली लिखी, दवा काउंटर के इंचार्ज इसका प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। जिला पदाधिकारी महोदय ने निर्देश दिया कि जो दवाई एवं जांच अस्पताल में उपलब्ध नहीं है उसको अलग बिंदु पर अलग साइड में लिखा जाए कि अस्पताल में अनुपलब्धता के कारण आपके लिए आवश्यक है इसलिए इसको लिखा जा रहा है। निरीक्षण के क्रम में सिविल सर्जन बक्सर, अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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