
– पखवाड़ा के दौरान घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों के बीच बंटी जाएगी ओआरएस पैकेट
सीतामढ़ी। डायरिया से बचाव के लिए जिले में 15 से 30 जुलाई तक सघन दस्त पखवाड़ा का आयोजन किया जायेगा। पखवाड़ा के दौरान संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता अपने पोषक क्षेत्र में घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के सभी बच्चों के बीच ओआरएस पैकेट का वितरण करेंगी। इसके साथ ही 5 वर्ष की उम्र तक के ऐसे बच्चे, जो दस्त रोग से ग्रसित होंगे, उन्हें लक्षित कर उनका समुचित उपचार किया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एके झा ने बताया कि सघन दस्त नियंत्रण पखवारा को लेकर एएनएम एवं आशा फैसिलिटेटर को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में डोर टू डोर भ्रमण कर माइक्रो प्लान तैयार करेंगी। जिसमें पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों की सूची बनाई जानी है। पखवाड़ा के दौरान पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के घरों में प्रति बच्चा एक-एक ओआरएस पैकेट का वितरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पखवाड़े में प्रयास किया जायेगा कि किसी भी बच्चे में निर्जलीकरण की स्थिति में घर में ही तत्काल ओआरएस तथा जिंक टैबलेट के माध्यम से प्रबंधन हो सके।
पखवाड़े को लेकर दिए गए निर्देश —
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एके झा ने बताया कि सघन दस्त नियंत्रण पखवाड़ा को हर हाल में सफल बनाने को लेकर जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को आवश्यक और जरूरी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अपने-अपने स्तर से एक्शन प्लान तैयार कर उक्त पखवाड़ा के सफल संचालन के लिए सारी तैयारियाँ पूरी करने को कहा गया है। ताकि हर हाल में में निर्धारित समय पर पखवाड़े का शुभारंभ और सफलतापूर्वक समापन सुनिश्चित हो सके।
अति संवेदनशील क्षेत्र को प्राथमिकता-
पखवाड़े के दौरान अति संवेदनशील क्षेत्र शहरी झुग्गी झोपड़ी, कठिन पहुंच वाले क्षेत्र, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र, निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के परिवार, ईंट भट्टे वाले क्षेत्र, अनाथालय और ऐसे चिह्नित क्षेत्र, जहां दो-तीन वर्ष पहले तक दस्त के मामले अधिक संख्या में पाए गए हैं उनको विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव के कारण डायरिया की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में हमें विशेष सावधान और सतर्क रहने की जरूरत है। डायरिया से बचाव को लिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना चाहिए।
डायरिया होने पर 14 दिनों तक जिंक का सेवन करें-
डायरिया होने पर लगातार 14 दिनों तक जिंक का सेवन करें। 02 माह से 06 माह तक के बच्चों को जिंक की 1/2 गोली 10 मिग्रा. पानी में घोलकर या मां के दूध के साथ घोलकर चम्मच से पिलाएं। 06 माह से 05 साल के बच्चों को एक गोली साफ पानी के साथ मां के दूध में घोलकर पिलाएं। जबकि, दो माह से कम आयु के बच्चों को 05 चम्मच ओआरएस प्रत्येक दस्त के बाद पिलाएं। 02 माह से 02 वर्ष तक बच्चे को 1/4 ग्लास से 1/2 ग्लास प्रत्येक दस्त के बाद पिलाएं। 02 से 05 वर्ष तक के बच्चों को 1/2 से ग्लास प्रत्येक दस्त के बाद पिलाएं। जिंक सेवन से दस्त और तीव्रता दोनों कम होता है।
ये हैं डायरिया के लक्षण-
मल का ज्यादा पतला या पानी जैसा होना ही डायरिया (दस्त) का पहला लक्षण है। इसके अलावा बच्चा बेचैन व चिड़चिड़ा रहा हो, अथवा सुस्त या बेहोश हो, बच्चे को बहुत ज्यादा प्यास लगना अथवा पानी नही पीना. चिकोटी काटने पर पेट के बगल की त्वचा खींचने पर धीरे-धीरे पूर्वावस्था में आना अर्थात त्वचा के ललीचेपन में कमी आना आदि डायरिया का ही कारण और लक्षण है।