मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना : प्रत्येक सेविका तीन-तीन लाभुकों का करेंगी रजिस्ट्रेशन

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बक्सर, 04 जनवरी | मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का क्रियान्वयन अब समाज कल्याण विभाग के अधीन आईसीडीएस द्वारा किया जा रहा है। योजना के तहत 0 से 2 साल तक के प्रथम क्रम के दो कन्या संतानों को 3000 रुपए तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 यानी अप्रैल 2022 से 4 जनवरी 2023 तक जिले में दो हजार 746 लाभुकों को योजना के तहत प्रोत्साहन राशि मिली है। जिनमें 134 लाभुकों को योजना के तहत दूसरी किस्त की राशि मिली है।

इस क्रम में बुधवार को आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी तरणि कुमारी ने सभी परियोजनाओं की सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिकाओं के साथ वर्चुअल बैठक की। जिसमें 10 जनवरी तक लक्ष्य हासिल करने का सख्त निर्देश दिया गया। इस क्रम में प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका को कम से कम तीन लाभुकों का रजिस्ट्रेशन कराना है। जिसकी प्रतिदिन समीक्षा की जाएगी।

कन्या शिशु के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है उद्देश्य

आईसीडीएस की डीपीओ तरणि कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का उद्देश्य कन्या के जन्म को प्रोत्साहित करना एवं कन्या भ्रूण हत्या को रोकना है। योजना की सहायता से लिंग अनुपात में वृद्धि लाना एवं बालिका शिशु मृत्यु दर कम करने की भी है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह पर अंकुश लगाने एवं बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने में भी योजना महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है।

योजना का बृहद उद्देश्य बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा में लाना है, ताकि महिला सशक्तिकरण की राह को आसान बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले में 1944 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं । चालू वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत 5832 लाभुकों को लाभ देने का लक्ष्य प्राप्त है। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मचारियों को निदेशित किया गया है।

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प्रथम दो कन्या शिशुओं को योजना का लाभ

कन्या उत्थान योजना के जिला नोडल पदाधिकारी चंदन कुमार ने बताया कि इस योजना का लाभ परिवार की केवल दो प्रथम क्रम की कन्या संतानों को ही दिया जाता है। इसके लिए लाभुक को बक्सर जिले का निवासी होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत दो किश्तों में 3000 रुपये लाभुक को देने का प्रावधान है।

पहले किश्त के रूप में 2000 रुपए माता-पिता या अभिभावक के बैंक खाते में भेजे जाते हैं जब कन्या का पंजीकरण शून्य से एक साल तक किया जाता है। वहीं, दूसरी किश्त के रूप में 1000 रुपए तब दिए जाते हैं, जब एक से दाे वर्ष की कन्या शिशु का आधार पंजीकरण एवं जन्म निबंधन का कार्य पूरा हो जाता है।

घर बैठे ई-कल्याण पोर्टल के जरिए लाभार्थी कर सकते हैं आवेदन

योग्य लाभुक के माता-पिता अब ई-कल्याण पोर्टल (ekalyan.bih.nic.in) की सहायता से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। महिला पर्यवेक्षिका द्वारा ऑनलाइन आवेदनों का भौतिक सत्यापन कर ई-कल्याण पोर्टल पर अप्रूवल किया जाएगा। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी इस हेतु स्वीकृति पदाधिकारी होंगे। महिला पर्यवेक्षिका द्वारा स्वीकृत आवेदनों को बाल परियोजना द्वारा ई-कल्याण पोर्टल पर अनुमोदन किया जाएगा।

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