मरीजों टीबी की पुष्टि होने पर तत्काल निक्षय पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराएं निजी संस्थान : सीएस

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बक्सर, 28 फरवरी। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) अंतर्गत जिले में चल रहे सब नेशनल सर्टिफिकेट (एसएनसी) प्रोग्राम के तहत बिहार सरकार द्वारा गठित डिस्ट्रिकट नोडल ऑफिसर (डीएनओ) की टीम की बैठक हुई। जिसमें राज्य स्तरीय पदाधिकारी डॉ. लवली कुमारी, डॉ. आभा कुमारी, डब्ल्यूएचओ के एनटीईपी कंसलटेंट डॉ.कुमार विज्येंद्र सौरभ के साथ-साथ जिले के प्रमुख निजी अस्पताल के चिकित्सक व निजी केमिस्ट्स तथा जिलास्तरीय

अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ ने की। इस दौरान डब्ल्यूएचओ ने निजी सेक्टर से इलाज ले रहे टीबी मरीजों का डाटा शेयर किया। वहीं, जिला यक्ष्मा केंद्र के द्वारा सरकारी क्षेत्र में नोटिफाइड व इलाजरत मरीजों की जानकारी दी गई।

बैठक में तीन बातों पर हुई चर्चा

बैठक में सिविल सर्जन सह प्रभारी सीडीओ डॉ. नाथ ने बताया कि इसके माध्यम से जिले में टीबी मरीजों की स्थिति की जानकारी ली जाएगी। जिसमें तीन मुख्य बातों पर फोकस किया जाएगा। सबसे पहले यह देखा जाएगा कि बक्सर जिले में यहां के मरीजों के साथ-साथ अन्य जिलों और राज्यों के कितने मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। क्योंकि मेथोडिस्ट अस्पताल में जिले के अलावा बाहरी मरीज भी आते हैं।

वहीं, दूसरा यह देखना है कि जनवरी 2015 के सापेक्ष्य में दिसंबर 2022 तक सरकारी और निजी क्षेत्र में रिफाम्पिसिन युक्त टीबी की दवाइयों की खपत हुई है। वहीं, तीसरी बात यह है कि इस दौरान मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई या गिरावट हुई है। जिसकी जानकारी विभाग को भेजी जाएगी। विभाग एसएनसी के तहत मार्किंग करेगी और जिले के एनटीईपी की रिपोर्ट तैयार करेगी।

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निजी स्वास्थ्य संस्थान और निजी केमिस्ट्स दें मरीजों की जानकारी

डॉ. नाथ ने बताया कि टीबी के मरीज सरकारी के अलावा निजी स्वास्थ्य संस्थानों में भी अपना इलाज कराते हैं। कुछ संस्थानों द्वारा नियमित रूप से मरीजों का रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर कराया जाता है, लेकिन कुछ संस्थान द्वारा लापरवाही बरती जाती । जो क्षम्य नहीं है। सभी निजी स्वास्थ्य संस्थान मरीज में टीबी की पुष्टि होने के बाद तत्काल उसका रजिस्ट्रेशन निक्षय पोर्टल पर करें। वहीं, बिना रजिस्ट्रेशन के कोई मरीज टीबी की दवा लेने के लिए निजी

केमिस्ट्स के पास जाता है तो वो उसकी जानकारी विभाग द्वारा दिए गए एच-1 रजिस्टर में भरें और उसे विभाग से शेयर करें। ताकि, उनका फॉलोअप करते हुए उनका रजिस्ट्रेशन कराया जा सके और सरकारी लाभ दिलाया जा सके। बैठक में स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भूपेंद्र नाथ, जिला औषधि निरीक्षक आमोद कुमार, जिला यक्ष्मा केंद्र के मनीष कुमार, एसटीएलएस कुमार गौरव व राहुल कुमार के अलावा निजी संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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