अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन पखवाड़ा अंतर्गत स्लोगन राइटिंग, पेंटिग प्रतियोगिता आयोजित

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डुमरांव. शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन पखवाड़ा अंतर्गत बाल विकास परियोजना कार्यालय परिसर में महिला हिंसा उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. जिसकी अध्यक्षता बाल विकास परियोजना पदाधिकारी नीरू बाला के द्वारा किया गया. कार्यक्रम में स्लोगन राइटिंग, पेंटिग प्रतियोगिता के अलावे उपस्थित कर्मियों व सेविकाओं को शपथ दिलाया गया. जागरूकता रैली सीडीपीओ कार्यालय से मुख्य सड़क होकर अंजानब्रहम बाबा के बाद पुनः कार्यालय पहुंचा. सेविकाओं के द्वारा एक से बढ़कर एक पेंटिग बनाया गया था. इस दौरान सीडीपीओ ने कहां कि अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन पखवाड़ा का मुख्य उद्देश्य है कि महिलाओं के प्रति होने वाले हिंसा का उन्मूलन हो. इसके लिए हम सभी का दायित्व बनता है कि एक स्वच्छ समाज निर्माण में अपना योगदान दें. हम सबों का यह भी दायित्व बनता है कि महिलाओं के साथ किसी प्रकार की हिंसा नहीं हो यह भी सुनिश्चित करें.

इसके लिए विभिन्न तरह के अधिनियम बने हुए हैं. जैसे घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, दहेज एवं बाल विवाह निषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम आदि कई ऐसे कानून है. उन्होंने कहा ंकि महिलाओं के साथ मारपीट करना ही हिंसा नहीं, बल्कि उनको मानसिक, भावनात्मक, आर्थिक क्षति पहुंचाना भी हिंसा की श्रेणी में आता है. वहीं महिला पर्यवेक्षिका फिरोजा बानों ने कहां कि महिलाओ को शिक्षा से वंचित रखना, कौशल विकास से वंचित रखना, आने-जाने पर पाबंदी लगाना, नौकरी करने से रोकना, बेटी पैदा होने पर प्रताड़ित करना, भूण हत्या, दहेज, बाल विवाह, घरेलू हिंसा, मनोवैज्ञानिक हिंसा, जेंडर आधारित भेदभाव जैसे हिंसा करना मुख्य रूप से महिला हिंसा है.

महिला पर्यवेक्षिका रीता देवी ने कहां कि इस अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन पखवाड़ा में हम सभी का दायित्व बनता है कि महिला हिंसा से निजात पाने के लिए लागू कानूनी प्रावधानों की जानकारी घर-घर पहुंचा कर महिलाओं के प्रति होने वाले हिंसा को रोकना है और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में अपनी महत्व भूमिका अदा करना है. महिलाओं और बालिकाओं को कमतर नहीं आकना चाहिए, उन्हें सिर्फ अवसर देने की आवश्यकता है. महिला पर्यवेक्षिका उषा कुमारी ने बताया कि महिला हिंसा को रोकने को लेकर उपस्थित कर्मियों एवं सेविकाओं को शपथ दिलाया गया। उन्होंने कहां कि हम सभी महिलाओं के साथ होने वाले हिंसा का हमेशा विरोध करेंगे और हिंसा को रोकने में अपनी भूमिका अदा करेंगे. मौके पर प्रखंड समन्वयक सुनीता कुमारी, कम्यूटर आपरेटर अनीष कुमार सहित प्रखंड क्षेत्र के आंगनबाड़ी सेविका उपस्थित रहीं.

सेविकाओं में मुख्य रूप से लीलावती देवी, सविता देवी, मीरा चैबे, पूनम देवी, अनिता देवी, सुनिता कुमारी, उषा कुमारी, संजू कुमारी, मीरा देवी, किरण देवी, मीना कुमारी, माधुरी देवी, शोभा कुमारी एवं ममता कुमारी आदि शामिल थी।

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